Download PDF

भारतीय उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उभरते अवसर एवं संभावित चुनौतियां

Author : डॉ. विनोद प्रकाश तिवारी

Abstract :

प्रस्तुत शोध-पत्र आधुनिक शैक्षणिक परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका, इसकी अवधारणा और भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र में इसके बहुआयामी प्रभावों का विश्लेषण करता है। वर्तमान समय में AI केवल एक तकनीकी नवाचार न रहकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक अपरिहार्य अंग बन गया है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य उन अवसरों की पहचान करना है जो उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, व्यक्तिगत और कुशल बनाते हैं। शोध यह रेखांकित करता है कि AI के माध्यम से 'अनुकूली अधिगम' (Adaptive Learning) और 'वैयक्तिकृत अधिगम' (Personalized Learning) की अवधारणा को धरातल पर उतारा जा सकता है, जिससे प्रत्येक छात्र की विशिष्ट क्षमता और सीखने की गति के अनुसार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक स्वचालन, अनुसंधान में सटीकता और समावेशी शिक्षा (विशेषकर दिव्यांग छात्रों के लिए सहायक तकनीकें) के क्षेत्र में AI के महत्वपूर्ण योगदान का मूल्यांकन किया गया है। शोध के दूसरे भाग में भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में AI के क्रियान्वयन से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का परीक्षण किया गया है। विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि 'डिजिटल अंतराल' (Digital Divide) सबसे बड़ी बाधा है, जो ग्रामीण और शहरी संस्थानों के बीच संसाधनों की विषमता को बढ़ा सकती है। साथ ही, डेटा गोपनीयता (Data Privacy), एल्गोरिदम में निहित पूर्वाग्रह और 'जेनरेटिव एआई' के कारण अकादमिक ईमानदारी (साहित्यिक चोरी) पर मंडराते खतरों को भी विस्तार से चर्चा का विषय बनाया गया है। शिक्षकों के बीच तकनीकी कौशल का अभाव और मशीन-आधारित शिक्षा के कारण मानवीय संवेदनाओं के ह्रास की चिंता भी इस शोध का हिस्सा है। यह शोध-पत्र सुझाव देता है कि 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020' के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए AI एक शक्तिशाली उत्प्रेरक है, परंतु इसकी सफलता एक सशक्त नैतिक ढांचे, शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण और डिजिटल बुनियादी ढांचे के लोकतंत्रीकरण पर निर्भर करती है। भविष्य की उच्च शिक्षा तकनीक और मानवीय बुद्धिमत्ता के संतुलित समन्वय पर आधारित होनी चाहिए, ताकि भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ कर सके I

Keywords :

भारतीय उच्च शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षण अधिगम, उभरते अवसर, एनईपी 2020, संभावित चुनौतियां I