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उदय प्रकाश की कहानियों में आधुनिकता बोध

Author : सुमन

Abstract :

उदय प्रकाश हिंदी साहित्य के समकालीन कथाकारों में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं, जिनकी कहानियाँ आधुनिक भारतीय समाज की जटिलताओं, सामाजिक-आर्थिक असमानताओं, भूमंडलीकरण के प्रभावों और उत्तर-आधुनिकता की विशेषताओं को उजागर करती हैं। यह शोध पत्र उनकी प्रमुख कहानियों जैसे मोहनदास, तिरिछ, पीली छतरी वाली लड़की, दिल्ली की दीवारें और वारेन हेस्टिंग्स का साँड़ के माध्यम से आधुनिकता बोध की गहन पड़ताल करता है। यहाँ आधुनिकता बोध परंपरागत मूल्यों का विघटन, जाति-आधारित शोषण, शहरीकरण की विडंबनाएँ, दलित और हाशिए की चेतना, और वैश्वीकरण के प्रभावों के रूप में प्रकट होता है। उदय प्रकाश की रचनाएँ न केवल आधुनिकता की आलोचना करती हैं, बल्कि आधुनिकताबोध तत्वों जैसे विखंडित आख्यान, विडंबना, हाइपररियलिटी और आत्म-चेतन कथन शैली के माध्यम से समकालीन समाज की जटिलताओं को दर्शाती हैं। यह अध्ययन साहित्यिक विश्लेषण, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ और आलोचनात्मक सिद्धांतों पर आधारित है I

Keywords :

शहरीकरण, पलायन, औद्योगीकरण, वैयक्तिकता, पारिवारिक टूटन, मूल्य विघटन अकेलापन व अजनबीपन की त्रासदी I