सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विकास में भारत सरकार की स्टार्टअप योजना का योगदान (मध्य प्रदेश राज्य के संदर्भ में)
Author : दिनेश कुमार दुबे
Abstract :
भारत सरकार ने देश भर में स्टार्टअप को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं को क्रियान्वति करने की पहल की हैं। छोटे एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने एवं स्टार्टअप प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयास अनवरत जारी है। स्टार्टअप योजनाओं के अंतर्गत प्रमुख रूप से शामिल की जाने वाली योजना एम.एस.एम.ई. को माना जा सकता है जिसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को 1 लाख रू. से 25 लाख रू. की सहायता राशि मुहैया करायी जाती है, जिसमें परियोजना लागत का 25 प्रतिशत शहरी एवं 15 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों हेतु आरक्षित की गयी है। नवाचार को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने के इरादे से भारत सरकार ने 16 जनवरी 2016 को 'स्टार्टअप इंडिया' पहल की शुरुआत की। विशिष्ट उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, केन्द्र सरकार द्वारा स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत विभिन्न कार्यक्रम कार्यान्वित किए जाते हैं। पहल के तहत सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम समावेशी हैं स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत सरकार के निरंतर प्रयासों से 30 जून 2024 तक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1,40,803 हो गई है। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ने 15.5 लाख से ज़्यादा प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित किए हैं। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप उपलब्ध हैं।एम.एस.एम.ई. के तहत स्टार्टअप योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु मध्यप्रदेश के 4500 से अधिक संस्थाओं द्वारा पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया है। इस योजना के माध्यम से लगभग 1.50 लाख लोगों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध हुए हैं।
Keywords :
स्टार्टअप इंडिया, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, एम.एस.एम.ई. परियोजना I